मेरे अहसास

Ahsaas

Ahsaas
Dil ki baatain

Friday, 22 June 2012


राम लखन
दशरथ नंदन
भटके वन

संग सीता माँ
जी कठिन जीवन
पत्नी धर्म है

ब्रह्मण भेष
धर रावन कियो
सीता हरण

हनुमान जी
चार सौ कोस उड़े
समुद्र पार

हनुमान जी
अशोक वाटिका को
दियो उजाड़

दियो लंका को
जलाय, ताकत दी
दिखाए वहां

मारे रावन
छुडाय सीता मैय्या
हुई जीत है ............

2 comments:

  1. तेरे अहसास
    पढ़कर झूमे मेरा मन
    शब्दों की पिरोई ऐसी माला
    मन हुआ जाये मतवाला
    हर शब्द में गराई हैं हैं
    खुदा ने तुझपर रहमत बरसाई हैं

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