मेरे अहसास

Ahsaas

Ahsaas
Dil ki baatain

Friday, 22 June 2012

आतंकवाद 
परेशान है सब 
पीछा छुड़ाओ

उठाते क्यों हो 
बन्दूक तलवार 
बहुत हुआ

खून खराबा
आखिर कब तक
कैसे रुकेगा

नहीं सहन है
बंदूके दनादन
छलनी मन

बहुत हुआ
बंद करो अत्याचार
जीने दो अब ......

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