मेरे अहसास

Ahsaas

Ahsaas
Dil ki baatain

Sunday, 23 September 2012


बोलती आँखें
दिल खोलती आँखें
कहती आँखें

हसीन आँखें
मतवाली आखियाँ
तिरछे नैन

चंचल नैन
करें दिल बैचैन
तडपाय जिया

तेरी ये आँखें
कहें दिल कि बात
क्यों है उदास

2 comments:

  1. आँखों पर लिखे चारों हायकू अति सुंदर बन गए हैं.
    ब्लॉग भी सुंदर सजाया है. बधाई आपको.

    ReplyDelete
  2. शुक्रिया सर

    ReplyDelete